Sunday, July 3, 2011

पाखी, कागज़ और रंग......2011

अप्रैल २०११ हम लोग पूना में थे. वहा पाखी, पापा और पार्थो चाचा के साथ रंगों से खेलने लगी. एक बार जब मैं  घर के काम  में व्यस्त थी तब पाखी अपना काम कर रही थी. बहुत देर शांति बनी रही तब मैंने  रसोई से आकर देखा तो पाखी अपने कागज़ और क्रेयोन के साथ व्यस्त थी.
 कहा " देखो मम्मी टावर "

और भी बहुत सारे चित्र उसने बनाये और उनको नाम दिया. जैसे.....
कैटरपिलर
बलून .....


अब पाखी कुछ भी बनाती तो उसका नाम जरुर रखती.  

3 comments:

चैतन्य शर्मा said...

Bahut hi badhiya pakhi...

Subodh kumar said...
This comment has been removed by the author.
Subodh kumar said...

Excellent Work Pakhi....Keep it up....(*_*)......