Monday, August 3, 2009

आओं एक कहानी सुनो

पुने मे मम्मी मुझे बहुत सारी कहानिया सुनाती थी। एक दिन जब मम्मी बोर हो रही थी तो मैंने सोचा क्यों न कहानी सुना कर मैं ही उनका मन बहलाउ

19-07-2009 pune

10 comments:

kk pandey said...

ok pakhi humlog tumhari kahani ka agla hissa sunne ke intjar me hai

चंदन कुमार झा said...

चिट्ठाजगत में आपका स्वागत है.......भविष्य के लिये ढेर सारी शुभकामनायें.

गुलमोहर का फूल

श्यामल सुमन said...

पाखी की कहानी अच्छी लगी साथ में आपका प्रयास भी। मोहक पोस्ट।

सादर
श्यामल सुमन
09955373288
www.manoramsuman.blogspot.com
shyamalsuman@gmail.com

shama said...

Are waah..! Pakhi ek aur blog leke aa gayee..!

http://shmasansmaran.blogspot.com

http://kavitasbyshama.blogspot.com

http://aajtakyahantak-thelightbyalonelypath.blogspot.com

http://shama-kahanee.blogspot.com

http://shama-baagwaanee.blogspot.com

Manish Khattry said...

wow pakhi is on runway 2 start flying high.. my love n blessings :)

Great Work Vinita... Hats off 2 u !!

नारदमुनि said...

good luck.narayan narayan

AlbelaKhatri.com said...

badhaai !

pakhi said...

थैंक्यु के के,चंदन,श्यामल,मनीष,नारदमुनि,अलबेला अंकल एण्ड शमा आंटी.
एण्ड थैंक्यु मम्मी-पापा आप ने मुझे इतने सारे नये दोस्त दिये.

संगीता पुरी said...

बहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

shilpa alex said...

kahani tho bahut sundar hai. to be continued hai kya pakhi?